किस्मत से नहीं कर्म से बनती है जिंदगी

कुछ लोग अपने कामयाबी के पीछे किस्मत को दोष देते है तब कि ऐसा नहीं है कुछ लोगों का मानना है कि किस्मत से कर्म बनते हैं जबकि ऐसा नहीं है क्योंकि अपने कर्म से किस्मत बनती हैं जैसे भी आप अपनी कर्म लिखोगे एसी ही किस्मत होगी क्योंकि दोस्तों किस्मत से कर्म नहीं बदल सकते लेट सच है कि कर्म करने से किस्मत जरूर बदल लोगे आज जो भी लोग कामयाब है सभी ने अपने अच्छे कर्म किए जैसे कि एक व्यक्ति 21 साल के उम्र में बिजनेस में असफल हो गया " 22 साल की उम्र में वह चुनाव हार गए " 24 साल की उम्र में फिर से व्यापार में असफल रहा " 26 साल की उम्र में उनकी पत्नी का देहांत हो गया " 27 साल की उम्र में वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा" 29 साल की उम्र में वह स्पीकर का चुनाव हार गया " 31 साल की उम्र में वह कलेक्टर का चुनाव हार गया " 34 साल की उम्र में वह विधानसभा का चुनाव हार गया " 39 साल की उम्र में मैं फिर से विधानसभा का चुनाव हार गया" 45 साल की उम्र में वह फिर से सीनेट का चुनाव हार गया " 47 साल की उम्र में वह उप राष्ट्रपति का चुनाव हार गया" 51 साल की उम्र में वह अमेरिका का राष्ट्रपति बना जो अपनी जिंदगी में इतनी बार हारा हो क्या उसकी किस्मत में था उसने कभी अपनी किस्मत को दोष नहीं दिया बल्कि अपने कर्म पर भरोसा किया और आगे बढ़ता चला गया उस व्यक्ति का नाम आज पूरी दुनिया जानती है उनका नाम है अमेरिका के राष्ट्रपति मिस्टर अब्राहम लिंकन अगर शायद ये भी ऐसे ही अपनी किस्मत को दोष देते तो कभी अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बनते जिंदगी ने अपनी कामयाबी को पाने के लिए इतनी मेहनत करो कि किस्मत भी आपका अागे घुटने टेकने पर मजबूर हो जाए बस जिंदगी में कभी भी आप लोग हिम्मत मत हारो आज जो लोग अमीर हैं जो लोग करोड़ों कमाते हैं उनकी जिंदगी में कोई किस्मत जैसा शब्द नहीं होता

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